एक लड़की की जिंदगी बदल दी वाट्स एप्प पर चले एक छोटे मैसेज से

वाट्स एप्प पर चले एक छोटे से मैसेज ने एक लड़की की जिंदगी बदल दी। ममला देपालपुर के श्यादा गांव का है। यहां रहने वाली हिना सोलंकी (14) को दिल की बीमारी के इलाज के लिए करीब 40 हजार रुपए की जरुरत थी। गांव के पंचायत सचिव ने उसकी मदद के लिए वाट्सएप पर एक मैसेज चला दिया। मैसेज पढ़कर आसपास के 20 से ज्यादा युवाओं ने उसके घर पहुंचकर उससे राखी बंधवाई और नेग के रुप में इलाज का खर्च जुटा दिया। दिल में था छेद, 6 माह की थी तब पिता को हो गया था देहांत

बेटमा के पास श्यादा गांव है। यहां हिना पिता दरयाव सिंह सोलंकी (14) अपनी मां के साथ रहती है। वो जब सिर्फ 6 महीने की थी तब उसके पिता का देहांत हो गया था। हिना की मां सावित्री (मुन्नीदेवी ) खेतों में मेहनत मजदूरी कर उसे पढ़ा रही है। उसकी 4 बड़ी बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है। जन्म से ही हिना के दिल में छेद था। इस कारण वह बहुत जल्दी थक जाती थी। 

मेहनत मजदूरी करने वाली मां ने गांव के कुछ लोगों की मदद से जैसे-तैसे आवेदन लगाकर उसके ऑपरेशन के लिए शासन से स्वीकृति ले ली थी, इससे उसका ऑपरेशन तो हो गया लेकिन बाद में दवाइयों और इलाज के लिए पैसों की कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। पैसों के लिए मां सावित्री ने अपना घर गिरवी रख दिया था। जब ये बात गांव के पंचायत सचिव सोहन सिंह बडवाया को पता चली तो उन्होंने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर हिना की मदद करने की ठानी। 

सोहन ने हिना की मदद के लिए उसके एक फोटो के साथ एक मैसेज टाइप कर 30-40 वाट्सएप ग्रुप्स में भेज दिया। मैसेज पढ़ने के बाद लोगों के फोन आने शुरु हो गए। राखी के दिन हिना को एक अनोखी सौगात मिली। सुबह पास के गांव बोरिया के 20 से ज्यादा लोग अपने साथ राखी लेकर उसके घर पहुंच गए। ये देख हिना और उसकी मां हैरान रह गई।

इनके साथ उनके ही गांव के पंचायत सचिव सोहन सिंह भी थे। सोहन ने हिना को कहा कि तुम्हारा कोई भाई नहीं है इसलिए हम सब तुमसे राखी बंधवाने आए हैं। हिना ने नम आंखों से एक-एक करके सबको राखी बांधी। उन्होंने मिलकर उसे करीब 12.5 हजार रुपए का नेग दिया। सबने हिना की मां को ये वचन भी दिया कि अब हिना का इलाज उनकी जिम्मेदारी है। इसके बाकि पैसे भी इकट्ठा करके दे देंगे ताकि आप अपना घर छुडवा सको।